Geetmala Hindi Lyrics

Aadmi Musafir Hai Aata Hai | आदमी मुसाफ़िर है आता है

Aadmi Musafir Hai Aata Hai Lyrics | आदमी मुसाफ़िर है आता है - बोल

आदमी मुसाफ़िर है, आता है, जाता है
आते जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है

झोंका हवा का, पानी का रेला
मेले में रह जाए जो अकेला
फिर वो अकेला ही रह जाता है

कब छोड़ता है ये रोग जी को
दिल भूल जाता है जब किसीको
वो भूलकर भी याद आता है

क्या साथ लाए, क्या तोड़ आए
रस्तें में हम क्या-क्या छोड़ आए
मंज़िल पे जा के याद आता है

जब डोलती है जीवन की नय्या
कोई तो बन जाता है खेवैया
कोई किनारे पे ही डूब जाता है

Aadmi Musafir Hai, Aata Hai Lyrics

Aadmi musafir hai, aata hai, jaata hai
Ate jaate raste mein yaaden chhod jaata hai

Jhonka hawa ka, paani ka rela
Mele mein rehe jaae jo akela
Fir wo akela hi rehe jaata hai

Kab chhodta hai ye rog ji ko
Dil bhul jaata hai jab kisiko
Wo bhulakar bhi yaad ata hai

Kya saath laae, kya tod ae
Rastein mein hum kya-kya chhod ae
Manzil pe ja ke yaad ata hai

Jab dolati hai jiwan ki nayya
Koi to ban jaata hai khewaiya
Koi kinaare pe hi dub jaata hai

(अतिरिक्त जानकारी)

गायक: लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, गीतकार: आनंद बक्षी, संगीतकार: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, चित्रपट: अपनापन (१९७७)

Aadmi Musafir Hai Aata Hai - Song | आदमी मुसाफ़िर है आता है - गीत

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